Monday, August 5, 2019

शायरी ऐसी जो दिल को छू जाए

ना गुरूर करू मै अपने आप पे

मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे,

कागज़ों पे लिख कर ज़ाया कर दूं,

मैं वो शख़्स नही वो शायर हूं

जिसे दिलों पे लिखने का हुनर आता है ।


माना के किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही,

पर ये सच है के मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही,

उस के दिल मे, उसकी यादो मे कोई और है लेकिन,

मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही ।


बाज़ार के रंगों से रंगने की मुझे जरुरत नही,

किसी की याद आते ही ये चेहरा गुलाबी हो जाता है,


तरस गए हैं तेरे लब से कुछ सुनने

को हम प्यार की बात न सही

कोई शिकायत ही कर दे ।



यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए,

कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए,

रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं,

बस दिलों मे प्यार चाहिए उसे निभाने के लिए ।

बाबू तुम्हें लाख भूल कर देख

लिया नहीं भूल पा रहा हूं ।



पगली तू बात करने का मौका तो दे,

कसम से कहता हूं रूला देंगे

तुझे तेरे ही सितम गिनाते गिनाते

सारा बदन अजीब से खुशबु से भर गया

शायद तेरा ख्याल हदों से गुजर गया ।

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