महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी अधिनियम (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act)
एम जी एन आर ई जी एस (MGNREGS) कार्यक्रम 2 फरवरी 2006 से शुरू किया गया शुरू में इसे सार्वजनिक पिछड़े हुए 200 जिलों में शुरू किया गया था दूसरे चरण में इसका विस्तार करते हुए 330 अन्य जिलों में से क्रियान्वित किया गया शेष बचे हुए 266 जिलों में से कार्यक्रम को शुरू करने की अधिसूचना 28 सितंबर 2007 को जारी की गई परिणाम स्वरूप 1 अप्रैल 2008 से से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम एम जी एन आर ई जी एस (MGNREGS) को सभी जिलों में लागू कर दिया गया है।
राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का उद्देश्य (Objective of NREGA) :
इस अधिनियम का उद्देश्य, प्रत्येक वित्तीय वर्ष में, प्रत्येक ग्रामीण परिवार के अकुशल शारीरिक कार्य करने के इच्छुक व सदस्य को कम से कम 100 कार्य दिवसों का रोजगार प्रदान करके देश के ग्रामीण क्षेत्रों के परिवार को आजीविका प्रदान करना है।
रोजगार की गारंटी (Guarantee of Employment):
इसमें रोजगार की गारंटी निम्न प्रकार दी गई है—
(1) प्रत्येक परिवार के एक कुशल शारीरिक मजदूरी के लिए सहमत (इच्छुक) व्यस्त सदस्य को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों के रोजगार की गारंटी है इस प्रकार एक परिवार के 1 वर्ष में कम से कम 100 दिनों का काम (रोजगार) प्राप्त करने का हकदार होगा।
(2) इसके लिए परिवार को पंजीकृत होना होगा। प्रत्येक पंजीकृत परिवार को एक "जॉब कार्ड" दिया जाएगा। यह रोजगार प्राप्त करने के हक का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होगा।
(3) जॉब कार्ड प्रत्येक पंजीकृत परिवार को पंचायत द्वारा जारी किया जाएगा। इस पर फोटोग्राफ भी होगा। जॉब कार्ड 5 वर्ष के लिए वैध होगा तथा इस पर पंजीकृत संख्या लिखी होगी।
कार्य के लिए आवेदन (Application for Job)—
रोजगार प्राप्त करने के लिए पंजीकृत परिवार के प्रत्येक व्यस्क सदस्य को यह अधिकार है। कि वह ग्राम पंचायत या कार्यक्रम अधिकारी (पंचायत समिति स्तर पर) को लिखित आवेदन दें और तारीख युक्त आवेदन पत्र जमा की रसीद प्राप्त कर करें। आवेदन लगातार कम से कम 14 दिनों के लिए किया जाना चाहिए।
महिलाओं को प्राथमिकता (Priority to women)— इस अधिनियम में रोजगार प्रदान करने में महिलाओं को प्राथमिकता देने का प्रावधान है ताकि रोजगार प्राप्त करने वालों में कम से कम एक तिहाई (1/3) भाग महिलाओं का हो।
समयबद्ध रोजगार आबंटन (Timebound Job Alllotmen)—इस संबंध में निम्न प्रावधान है—
(1) आवेदन करने अथवा रोजगार की मांग करने के 15 दिन के अंदर ग्राम पंचायत द्वारा रोजगार दिया जाएगा।
(2) ग्राम पंचायत, पत्र के माध्यम से आवेदकों को 15 दिन के अंदर यह सूचित करें कि ठीक कब और कहां काम के लिए उपस्थित होना है। ग्राम पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर भी एक आम सूचना लगाई जाएगी।
बेरोजगारी भत्ते का भुगतान (Payments of Unemployment Allowance)
यदि पात्र आवेदकों कार्य की मांग के 15 दिनों के भीतर रोजगार नहीं मिलता है तो उसे निर्धारित शर्त के अनुसार बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा यदि व्यक्ति या उसके स्थान पर उसके परिवार का अन्य व्यक्ति आवंटित कार्य के लिए उपस्थित नहीं होता है तो वह आगे से बेरोजगारी भत्ते का हकदार नहीं होगा।
न्यूनतम मजदूरी की गारण्टी (Guarantee Of Minimum Wages)—
(1) राज्य कृषि श्रमिकों के लिए लागू न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी।
(2) मजदूरी का भुगतान कार्य पूर्ण होने के 2 सप्ताह के भीतर किया जाएगा मजदूरी का एक भाग दैनिक आधार पर नगद रूप में दिया जा सकता है।
(3) कार्य, आवेदक के निवास स्थान से 5 किमी की परिधि के भीतर दिया जाएगा यदि उसके बाहर रोजगार दिया जाता है तो 10% अतिरिक्त मजदूरी दी जाएगी।
(4) प्रत्येक कार्यस्थल पर पीने का पानी, छाया, विश्राम स्थल और प्राथमिक चिकित्सा पेटी उपलब्ध कराई जाएगी।
(5) यदि कार्य स्थल पर लाए जाने वाले बच्चों की संख्या 5 से अधिक है तो किसी व्यक्ति को बच्चों की देखभाल करने की जिम्मेदारी दी जाएगी और ऐसे व्यक्ति को अन्य श्रमिकों की तरह किए गए कार्यो का भुगतान किया जाएगा।
(6) कार्यस्थल पर रोजगार के दौरान शारीरिक क्षति होने पर शरीर को राज्य सरकार द्वारा मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी।
स्थाई परिसंपत्तियों का सृजन (Creation of Assets)— इस योजना के अंतर्गत प्राथमिकता के क्रम में निम्नलिखित कार्य किए जा सकेंगे—
(1) जल संरक्षण एवं जल संग्रहण।
(2) सूखा निवारण वन रोपण और वृक्ष रोपण।
(3) सिंचाई नहर जिसमें मध्यम एवं लघु सिंचाई कार्य शामिल है।
(4) पारस्परिक जल निकायों का नवीनीकरण जिसमें तालाबों से मिट्टी निकालना भी शामिल है।
(5) भूमि विकास।
अधिनियम का क्रियान्वयन (Operation of the Act)
(1) ग्रामसभा किए जाने वाले कार्य प्रस्तावित करेगी कार्यों के क्रियान्वयन में पंचायतों की प्रमुख भूमिका रहेगी।
(2) प्रत्येक कार्य के लिए समुदाय के सहयोग से निगरानी एवं सतर्कता समितियों का गठन किया जाएगा।
(3) राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम क्रियान्वित करने वाली सभी एजेंसियां अपने कार्य के लिए जनता के प्रति उत्तरदायी होगी।
(4) कार्य में पारदर्शिता एवं जवाबदेही का ध्यान रखा जाएगा।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम (MGNREGS) केंद्र सरकार का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है जो ग्रामीण निर्धन लोगों के जीवन को प्रभावित करता है। तथा समावेशी विकास को बढ़ावा देता है। प्रारंभ में यह कार्यक्रम नरेगा राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अध्ययन करूं में शुरू किया गया। वर्ष 2009-10 में इसका नाम बदलकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम कर दिया गया है।
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