Hello Dosto ,
यह अनमोल वचन आपके जीवन में एक सकारत्मक सोच को विकसित कर सकते है
कुछ अच्छी लाइने और कथन
छुपे -छुपे से रहते है ,
सरे आम नहीं हुआ करते ,
कुछ रिश्ते बस एहसास होते है ,
उनके नाम नहीं हुआ करते।
जिंदगी तस्वीर भी है ,
और तक़दीर भी ,
फर्क तो रंगो का है ,
मनचाहे रंगो से बने तो तस्वीर ,
और अनजाने रंगो से बने तो ,
तक़दीर।
अपने वो नहीं होते ,
जो रोने पर आते है ,
अपने वो होते है ,
जो रोने नहीं देते है।
इंसान खुद की गलती पर ,
अच्छा वकील बनता है ,
और दुसरो की गलती पर ,
सीधा जज बन जाता है।
ना जाने कौन मेरे हक़ में दुआ पढता है ,
डूबता भी हूँ तो ,
समुन्दर उछाल देता है।
खूबसूरत सा वो पल था ,
पर क्या कर वो ,
कल था।
कौन किसे याद रखता है ,
यहां खाक हो जाने के बाद ,
कोयला भी कोयला नहीं रहता ,
राख हो जाने के बाद।
हम क्या है ,
वो सिर्फ हम जानते है ,
लोग सिर्फ हमारे बारे में अंदाज़ा ही ,
लगा सकते है।
कृपया करके Comment बॉक्स में Comment करके जरूर बताये की आपको यह आर्टिकल कैसा लगा साथ ही इसको आप अपने प्रियजनों के साथ Share करना ना भूले
आपका बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद।
यह अनमोल वचन आपके जीवन में एक सकारत्मक सोच को विकसित कर सकते है
कुछ अच्छी लाइने और कथन
छुपे -छुपे से रहते है ,
सरे आम नहीं हुआ करते ,
कुछ रिश्ते बस एहसास होते है ,
उनके नाम नहीं हुआ करते।
जिंदगी तस्वीर भी है ,
और तक़दीर भी ,
फर्क तो रंगो का है ,
मनचाहे रंगो से बने तो तस्वीर ,
और अनजाने रंगो से बने तो ,
तक़दीर।
अपने वो नहीं होते ,
जो रोने पर आते है ,
अपने वो होते है ,
जो रोने नहीं देते है।
इंसान खुद की गलती पर ,
अच्छा वकील बनता है ,
और दुसरो की गलती पर ,
सीधा जज बन जाता है।
ना जाने कौन मेरे हक़ में दुआ पढता है ,
डूबता भी हूँ तो ,
समुन्दर उछाल देता है।
खूबसूरत सा वो पल था ,
पर क्या कर वो ,
कल था।
कौन किसे याद रखता है ,
यहां खाक हो जाने के बाद ,
कोयला भी कोयला नहीं रहता ,
राख हो जाने के बाद।
हम क्या है ,
वो सिर्फ हम जानते है ,
लोग सिर्फ हमारे बारे में अंदाज़ा ही ,
लगा सकते है।
कृपया करके Comment बॉक्स में Comment करके जरूर बताये की आपको यह आर्टिकल कैसा लगा साथ ही इसको आप अपने प्रियजनों के साथ Share करना ना भूले
आपका बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद।








0 comments:
Post a Comment