अगर ज़िन्दगी में सफल होना चाहते हो तो इस मूल मंत्र को याद कर लो





मुश्किल आन पड़े तो, घबराने से क्‍या होगा,

जीने की तरकीब निकालो, मर जाने से क्‍या होगा।

ठोकरें खाता हूँ पर ‘शान’ से चलता हूँ,

मैं खुले आसमान के नीचे सीना तान के चलता हूँ,

मुश्किलें तो ‘साज़’ हैं जिंदगी का उठूंगा गिरूंगा फिर उठूंगा,

और आखिर में जीतूंगा मैं ही ये ठान के चलता हूँ।

बीच रास्ते से लौटने का कोई फायदा नहीं क्योंकि,

लौटने पर आपको उतनी ही दूरी तय करनी पड़ेगी,

जितनी दूरी तय करने पर आप लक्ष्य तक पहुँच सकते है।



पांडवों ने कौरवों के घर अथिति बनकर जाना स्वीकार किया था,

जिसका नतीजा हुआ कि उन्होंने जुए में अपना सारा राज्य गंवा दिया,


और द्रौपदी का भरी सभा में अपमान हुआ,

बुरे लोगों के घर न तो अतिथि बनकर जाना चाहिए,

और न उन्हें अपने घर बुलाना चाहिए,

और न हीं उस घर में जाना चाहिए,

जहाँ बुरे लोगों को सम्मान मिलता हो।



दोस्तों अगर आपको हमारी पोस्ट पसंद आए तो लाइक और कमेंट करना ना भूलें क्योंकि हम आपके लिए ऐसी ही रोचक भरी जानकारियां सबसे पहले लाते रहेंगे। 
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Milan Tomic

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